Type Here to Get Search Results !

शैक्षणिक विषयों के कारक ग्रह

शैक्षणिक विषयों के कारक ग्रह

ग्रह - विचारणीय विषय

सूर्य - प्रशासनिक व्यवस्था, दवा, रसायन, चिकित्सा।

चन्द्रमा- कृषि, मौसम, दवा, जल, जलवायु, समुद्र, दूध, अनाज, जीव, वनस्पति, मसाले, होटल, पर्यटन, इत्र, सुगन्धित द्रव्य, सौन्दर्य प्रसाधन, लकड़ी।

मंगल- भूमि, भवन, संगठन, गणित, लेखा, इंजीनियरिंग, सर्जरी, चिकित्सा, बिजली, शारीरिक शिक्षा, मशीनरी, सेना, पुलिस, भूगोल, कम्प्यूटर, अर्थशास्त्र, खेल।

बुध- ज्योतिष, पत्रकारिता, बैंकिंग, बीमा, वैज्ञानिक खोज, लेखा, त्वचा, मुद्रण, प्रकाशन, संक्रामक रोग चिकित्सा, विकलांगता।

गुरु- वित्त, मुद्रा, बैंकिंग, बीमा, पत्रकारिता, वाणिज्य, भाषा, व्याकरण, धर्म, कर्मकाण्ड, शिक्षण, वकालत।

शुक्र- साहित्य, कविता, संगीत, चित्रकला, मूर्तिकला, फिल्म, सिनेमा, फोटोग्राफी, सम्पादन, लेखन, मुद्रण, प्रकाशन कहानी, उपन्यास, नाटक, अभिनय, कलात्मक रुचि, कानून, नृत्य।

शनि- उद्योग धन्धे, इतिहास, पुरातत्व विभाग, संसद, न्यायालय, विज्ञान, खनिज, धातु, लोहा, पैट्रोलियम, तेल, कम्प्यूटर, राजनीति, गणित, पर्वतारोहण, कृषि, भूगर्भ, तकनीकी, लकड़ी, विदेश संबंध, विदेशी भाषा।

राहु - राजनीति का कारक।

केतु - कम्प्यूटर का कारक।

नोटः-द्वितीयेश, चतुर्थेश, पंचमेश, दशमेश ग्रह जिन विषयों के कारक होते हैं, जातक उन्हीं विषयों को पढ़ने में सफल रहता है तथा इन्हीं के आधार पर आपको अपने व्यवसाय का चुनाव करना चाहिए।


Tags

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.